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कोरोना वायरस के बारे में 10 झूठ जो सबको जानने चाहिये।

1

झूठ

कोरोना वायरस को नष्ट करने में हैंड सैनिटाइज़र ,साबुन से अधिक प्रभावी है।

सच

साबुन और पानी से हाथ धोना भी उतना ही प्रभावी है जितना की हैंड सैनिटाइज़र से। कोरोना वायरस में तैलीय लिपिड अणुओं की एक परत होती है जो साबुन और पानी द्वारा बहुत आसानी से नष्ट हो जाती है। सैनिटाइज़र की खरीद पर जोर न दें क्योंकि यह ब्लैक मार्केटिंग द्वारा अधिक पैसा कमाने का एक विकल्प है। घर में उपलब्ध साबुन और पानी भी कोरोना वायरस की रोकथाम प्रभावित तरीके से ही करतें हैं।

2

झूठ

सभी व्यक्तियों को कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क पहना चाहिए।

सच

यदि आप में कोरोना वायरस के लक्षण (विशेष रूप से खांसी और बुखार है) या आप कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में हैं, तो WHO और CDC मास्क पहनने की सलाह देते हैं। स्वस्थ लोगों को मास्क पहनने की आवश्यकता नहीं है। कृपया मास्क इक्कठा न करें क्योंकि इससे उनकी कीमत और बढ़ जाती है, और उन्हें उपलब्ध करवाना मुश्किल हो जाता है। इसकी सबसे अधिक आवश्यकता अस्पताल के कर्मचारी, रोगी और उनके संपर्क में आने वाले लोगों को है।

3

झूठ

कोरोना वायरस होने पर हमेशा ही गंभीर बीमारी या मोत हो जाती है।

सच

कोरोना वायरस से गंभीर बीमारी होने की सम्भावना लगभग 5 % है एवं मृतयु की सम्भावना 3 % है। कोरोना वायरस के लगभग 95 % लोग ठीक हो जातें हैं। तो ज्यादा तर लोगों में गंभीर लक्षण नहीं होते हैं।

4

झूठ

गर्म मौसम कोरोना वायरस के प्रकोप को रोक देगा।

सच

CDC और WHO के अनुसार, "यह ज्ञात नहीं है कि मौसम गर्म होने पर कोरोना वायरस का फैलना कम हो जाएगा। कोरोना वायरस गर्म और उमस वाले क्षेत्रों में आसानी से फैल सकता है। इस पर ठण्डे और बर्फीले मौसम का कोई असर नहीं होता। इसलिए गर्मियों आने पर भी हमें कोरोना वायरस से बचने के लिए सावधानी बरतनी होगी।

5

झूठ

बच्चों को कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा नहीं है

सच

कोरोना वायरस से सभी उम्र के लोग संक्रमित हो सकते हैं। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, एक नवजात शिशु भी कोरोनोवायरस से संक्रमित पाया गया है। तथ्यों से पता चला है कि बुजुर्ग और पहले से रोगी (जैसे कि अस्थमा, मधुमेह, हृदय रोग ) संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। लेकिन यह बच्चों में भी हो सकता है।

6

झूठ

गुनगुने पानी और नमक से गरारा करना कोरोना वायरस को रोकता है

सच

WHO कहता है, की हमारे पास कोई ठोस सबूत नहीं है कि नमकीन (खारे) पानी से मुंह धोने से सुरक्षित रहा जा सकता है। UNICEF ने एक प्रेस विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेश सत्य नहीं है।

7

झूठ

कोरोना वायरस धातु पर 12 घंटे, कपड़े पर 9 घंटे और मानव हाथ पर 10 मिनट तक जीवित रह सकता है।

सच

WHO के अनुसार उनके पास कोई प्रमाण नहीं है, कि कोरोनोवायरस किस सतहों पर कितने घंटे या दिनों तक रह सकते हैं, यह अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करता है। कोरोना वायरस अलग-अलग सतह और तापमान में अलग-अलग समय तक जीवित रह सकता है।

8

झूठ

लहसुन का सेवन कोरोना वायरस को ठीक करने में मदद कर सकता है

सच

इस अफवाह के जवाब में, डब्ल्यूएचओ का कहना है कि यह एक "स्वस्थ भोजन है जिसमें कुछ वायरस को मारने के गुण हो सकते हैं," लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि लहसुन खाने से लोगों को कोरोना वायरस से बचाया जा सकता है।

9

झूठ

गर्म स्नान लेने से क्रोनोवायरस संक्रमण से बचाव होता है

सच

नवीनतम अनुसंधान जानकारी के आधार पर, गर्म स्नान करने से क्रोनोवायरस संक्रमण की रोकथाम नहीं की जा सकती है।

10

झूठ

आपके शरीर पर अल्कोहल या क्लोरीन का छिड़काव उन विषाणुओं को मार देता है जो पहले ही शरीर में प्रवेश कर चुके होते हैं।

सच

यह साबित करने के लिए कोई सही प्रमाण नहीं है कि आपके शरीर में पहले से ही उपस्थित वायरस को अल्कोहल या क्लोरीन के छिड़काव से ख़तम किया जा सकता है।

जैसा कि हम जानते हैं, अब तक कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने या इसके इलाज के लिए कोई दवा नहीं है, इसलिए वायरस से संक्रमित लोगों को उचित देखभाल प्रदान की जानी चाहिए। अपने आप को, अपने प्रियजनों को और अपने समुदाय को सुरक्षित कर के अपना योगदान दें।